अच्छी पत्नी बन पति को खुश कर दिया

मेरा नाम सविता मिश्रा है मै मेरठ की रहने वाली हूं मेरे पति बिजनेसमैन है लेकिन उनके बिजनेस में घाटे के चलते वह बहुत ज्यादा परेशान रहने लगे थे। मैंने उन्हें कहा आप मुझे कुछ काम करने दीजिए मैं घर की चारदीवारी में बंद रहती थी अब वह मेरी बात मान गए थे मैं नौकरी करने लगी। मैं अब नौकरी करने लगी थी जिससे कि घर का थोड़ा बहुत खर्चा चलने लगा था लेकिन मेरे पति मेरी शारीरिक जरूरतों को पूरा ही नहीं करते थे वह अपनी परेशानियों में इस कदर डूबे हुए थे कि उनको मुझसे जैसे कुछ लेना देना ही नहीं था। मेरा हुस्न बर्बाद हो रहा था मैं चाहती थी मैं कुछ ऐसा करू जिससे कि मेरे पति भी खुश हो जाए और मैं भी खुश हो जाऊं इसलिए मैंने अब हमारे ऑफिस के बॉस को अपनी बातों से प्रभावित कर दिया था वह एक 50 वर्ष के व्यक्ति हैं लेकिन बड़े अच्छे हैं, उनका नाम रोहन श्रीवास्तव है। रोहन और मैं अब एक दूसरे के साथ बड़े ही खुश थे मुझे जब भी उनसे बात करने का मौका मिलता तो मैं उनसे बात कर लिया करती और अपनी चूत की खुजली को मैं उनसे मिटाने के लिए तड़प रही थी।

उन्होंने मुझे कहा कभी मुझे अपने घर पर आने का मौका दो मैंने उनकी तड़प को बढ़ा दिया था। एक दिन वह ऑफिस में थे उन्होंने मुझे उस दिन अपने केबिन में बुलाया जब उन्होंने मुझे अपने केबिन में बुलाया तो मैं उनके पास गई। उन्होंने मुझे कहा सविता आज तुम बड़ी अच्छी लग रही हो उन्होंने अपने बैग से मेरे लिए एक रिंग निकाल कर दी और मुझे कहा सविता यह तुम्हारे लिए है। उन्हें मेरे बारे में सब कुछ अच्छे से पता था कि मेरे पति के बिजनेस में नुकसान के बाद ही मैंने जॉब करनी शुरू की है इसलिए वह मेरे बदन को महसूस करना चाहते थे मैंने उन्हें मौका ही नहीं दिया। मैंने उन्हें कहा आज हम लोग कहीं डिनर पर चलते हैं वह कहने लगे ठीक है लेकिन उससे पहले मैं भी उन्हें उनकी दी हुई रिंग का भी हिसाब देना चाहती थी क्योंकि सविता कभी किसी का एहसान अपने ऊपर नहीं रखती इसलिए मैं उनकी गोद में जाकर बैठ गई। जब मैं उनकी गोद में जाकर बैठी तो मैंने उनको चूमना शुरू कर दिया मैंने जब उनको चूसना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा मैंने उनके लंड से उनके माल को बाहर निकाल कर रख दिया था जिससे कि वह मुझे कहने लगे आज तो बड़ा मजा आ गया। मैंने उन्हे मजा तो मुझे भी बहुत आ गया जिस प्रकार से आपके साथ मैंने मजे लिए हैं।

वह मुझे कहने लगे सविता कभी मुझे अपने घर पर आने का मौका तो दो? मैंने उन्हें कहा सर जल्द ही मैं आपको घर पर आने का मौका दूंगी वह मेरे लिए तड़प रहे थे। मैं चाहती थी वह मेरी मदद करते रहे और वह मेरी हमेशा मदद किया करते। जब भी मुझे पैसे की जरूरत होती तो मैं उनसे कह दिया करती और वह मेरी जरूरतों को पूरा कर दिया करते। इस बात से मैं बड़ी खुश हो गई थी कि वह मेरी हर एक जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। एक दिन हम दोनों साथ में ही केबिन में बैठे हुए थे उस दिन उन्होंने मेरे स्तनों को दबाकर मुझे कहा सविता मुझसे रहा नहीं जाता। उस दिन उन्होंने मुझे कहा चलो आज कहीं लॉन्ग ड्राइव पर चलते हैं। मैंने उन्हें कहा चलिए सर उस दिन वह मुझे अपने साथ लेकर चले गए। उन्होंने मुझे कहा सविता मैं चाहता हूं आज तुम मेरे लंड को मुंह मे ले लो। उन्होने अपनी जेब से मुझे एक लिपस्टिक निकालकर दी जो कि बिल्कुल लाल रंग की थी। उन्होंने मुझे कहा तुम इसे अपने होठों पर लगा लो मैंने उस लिपस्टिक को अपने होठों पर लगा लिया। जब मैंने अपने होठों को देखा तो मेरे होंठ ज्यादा लाल हो चुके थे मैंने उन्हें कहा आप गाड़ी को कहीं रोक दीजिए। उन्होंने एक सुनसान जगह पर कार को रोका जब उन्होंने अपनी पैंट को खोला तो मैंने उनके लंड को अपने मुंह में ले लिया। मैं उनके लंड को अच्छी तरीके से चूसने लगा उनको बड़ा अच्छा लग रहा था और उनको बहुत आनंद आ रहा था जिस प्रकार से मैं उनके मोटे लंड को चूस रही थी उससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। वह बड़े खुश हो गए थे उन्होंने मुझे कहा मेरे अंदर की आग अब बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है हम लोग आज किसी होटल में चलते हैं। मैं उन्हें इतनी आसानी से अपना बदन सौपना नहीं चाहती थी। उन्होंने मुझे कहा कि मैं तुम्हारे पति के जितना भी नुकसान हुआ है उसे मैं पूरी कर दूंगा। मैं इस बात से बड़ी खुश थी मैंने उन्हें कहा आप मेरे साथ मेरे घर पर चलिए। मैं उन्हें अपने बदन को सौंपने के लिए तैयार थी मैं अपने पति को खुश देखना चाहती थी और मैंने एक अच्छी पत्नी का फर्ज निभाया। जब मैं और मेरे बॉस मेरे घर पर गए तो हम दोनों ही एक दूसरे को अपनी बाहों में लेने के लिए तड़प रहे थे।

उन्होंने मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया मैंने उनके सामने अपने कपड़ों को उताराना शुरु किया। जब मैंने अपने कपड़ों को उतारा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था। उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया जब उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटाया तो उन्होंने अब मेरे बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक महसूस करना शुरू कर दिया था। वह मेरे बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक महसूस कर रहे थे लेकिन जैसे ही उन्होंने मेरी पैंटी को उतार कर मेरी चूत पर अपनी जीभ का स्पर्श किया तो मेरे मुंह से हल्की सी आह निकली और मैंने उनके बालों को कस कर पकड़ लिया। वह मेरी चूत को चाटने लगे थे जब वह ऐसा कर रहे थे तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और उनको भी बहुत मजा आ रहा था मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और उन्होंने मेरी चूत से पानी बाहर निकल दिया था। वह बहुत ज्यादा ही बढ़ने लगी थी मेरे अंदर की गर्मी अब काफी ज्यादा बढ़ चुकी थी मैंने अपने पैरों को खोला। जब मैंने अपने पैरों को खोला तो उन्होंने मेरी चूत पर अपने लंड को लगा दिया और अपने लंड पर थूक लगाने के बाद वह कहने लगे मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा है। वह मुझे कहने लगे आज तो तुमने मेरे खुशी को दोगुना कर दिया है। मैंने उन्हें कहा सर आपने भी तो आज मेरी जरूरतों को पूरा कर दिया है।

वह मुझे कहने लगे मैं तुम्हारी हर जरूरत को पूरा करना चाहता हूं मैंने उन्हें कहा अब आप मुझे जितना चोदना चाहते हैं उतना चोद सकते है। मैंने उनके सामने अपने आप को समर्पित कर दिया था और उनका मोटा लंड मेरी चूत को फाड़ अंदर बाहर हो रहा था। मुझे ऐसा एहसास हो रहा था जैसे कि वह मेरे पति हैं और उन्होंने मुझे अपने कर्ज के बोझ तले दबा दिया था क्योंकि उनका मुझ पर बहुत बड़ा एहसान था। वह मेरे पति की मदद करने वाले थे इसलिए तो मैंने अपने आपको सौंप दिया था। मुझे इस बात से कोई एतराज नहीं था कि मैं उनके साथ सेक्स कर रही हूं मैं बहुत ज्यादा खुश थी उनके लंड से अब गर्मी कुछ ज्यादा ही अधिक बाहर आने लगी थी। उन्होंने मुझे कहा मुझे लग रहा है मैं ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं पाऊंगा मैंने उन्हें कहा आप अपने माल को मेर चूत में गिरा दीजिए। मुझे इससे कोई भी ऐतराज नहीं है मैंने अपने पैरों को खोल लिया था। अब उन्होंने मुझे 90 की स्पीड में चोदना शुरू कर दिया था और उनका 9 इंच मोटा लंड मेरी चूत के अंदर जा रहा था तो मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि वह मेरी चूत को फाड़ कर ही मानेंगे और उन्होंने मेरी चूत को पूरा गीला बना दिया था। जब मेरी चूत मे उन्होंने अपने वीर्य की पिचकारी मारी तो मैं खुश हो गई। वह बहुत ज्यादा खुश हो गए थे उन्होंने मुझे कहा आज मुझे मजा आ गया जिस प्रकार से मैंने तुम्हें चोदा मैने तुम्हारी खुजली को मैंने मिटा दिया। मैने उन्हें कहा आपकी तो बात ही अलग है आपने आज मुझे अपना दीवाना बना दिया। मैं अपने पति को पैसे से मदद करना चाहती थी और उनका बिजनेस भी अब ठीक चलने लगा था क्योंकि रोहन मेरी मदद कर रहे थे।

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