कमसिन हसीना

मेरा नाम अनिल है मैं पंजाब के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 25 वर्ष है। मुझे दिल्ली में आए हुए 4 साल हो चुके हैं और इन 4 सालों में मैंने नौकरी भी की, उसके बाद मैंने अपना ही फास्ट फूड का काउंटर खोल लिया, मेरा फास्ट फूड का काउंटर बहुत अच्छे से चलता है। मेरे पास दो लड़के काम करते हैं और उन लोगों के साथ भी मेरा व्यवहार बहुत अच्छा है क्योंकि मैं भी उनकी पीड़ा को समझता हूं। मैं जब शुरुआत में दिल्ली आया था तो मेरे पास ज्यादा पैसे नहीं थे, मैंने दिन-रात मेहनत कर के थोड़े पैसे जमा किये, उसके बाद ही मैंने यह काउंटर खोला परन्तु मेरा काम बिल्कुल भी अच्छा नहीं चला, मुझे लगा कि शायद मुझे कहीं नौकरी कर लेनी चाहिए लेकिन फिर धीरे-धीरे मेरा काम अच्छा चलने लगा और अब मेरा सूप बहुत ही फेमस है। मेरे हाथों का सूप पीने के लिए लोग बड़े दूर-दूर से आते हैं और वह कहते हैं कि तुम्हारे सूप में तो बहुत ही ज्यादा टेस्ट है, मैंने कभी भी अपनी दुकान में क्वालिटी से समझौता नहीं किया, मैं उन्हें एक बहुत ही अच्छी चीज देता हूं जिससे कि मेरे कस्टमर बने हुए हैं और वह लोग मेरे पास ही आते हैं।

दिल्ली में मुझे 4 साल हो चुके हैं, इन 4 सालों में मेरी दोस्ती भी अब अच्छी हो गई थी। एक दिन मेरे साथ एक लड़का बैठा हुआ था, उसकी और मेरी मुलाकात कुछ समय पहले ही हुई थी इसलिए उसे मेरे बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। वह मुझसे पूछने लगा कि क्या तुम यहीं के रहने वाले हो, मैंने उससे कहा कि नहीं मैं पंजाब का रहने वाला हूं, मुझे दिल्ली में आए हुए 4 साल हो चुके हैं। वह मुझसे पूछने लगा तुम्हारे घर पर कौन-कौन है, मैंने उसे बताया कि मेरे घर पर मेरे मम्मी पापा और मेरे दो छोटे भाई हैं जो कि वहीं पर उनके साथ खेती का काम करते हैं। वह लड़का मेरे साथ काफी देर तक बैठा हुआ था और मैंने जब उसे बताया कि मैंने यह काउंटर जब शुरू किया था तो उस वक्त यहां पर कोई भी नहीं आता था, वह कहने लगा तुम यह तो सही बात कह रहे हो क्योंकि मैं भी उस वक्त यहां पर आता था लेकिन कभी भी मैंने यहां इतनी भीड़ नहीं देखी परंतु अब तुम्हारे पास बहुत भीड़ रहती है और तुम्हारा काम भी अच्छा चलता है।

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मैं कहने लगा हां मेरा काम अब अच्छा चलने लगा है लेकिन उसके लिए मैंने बहुत ही धैर्य रखा है और कई साल मैंने मेहनत की, उसके बाद ही मेरा काम अच्छा चल पाया। मेरे काउंटर पर एक लड़की हमेशा ही आती थी और वह जब भी मुझे देखती तो मुस्कुरा देती थी लेकिन मैंने कभी भी उसकी तरफ देखने की हिम्मत नहीं कि, मैं उसकी तरफ देख नहीं पाता। एक दिन वह आई और उस दिन वह मुझसे पूछने लगी आज आपने सूप बनाया है, मैंने उसे कहा कि अभी थोड़ा टाइम लग जाएगा आप थोड़ी देर बैठ जाइए, वह कहने लगी ठीक है मैं थोड़ी देर बैठ जाती हूं। जब वह बैठी तो वह मेरी तरफ भी देख रही थी, मैंने उसे उस दिन अपने हाथों से ही सूप बना कर दिया और जब उसने सूप लिया तो उसके बाद उसने मेरा नाम पूछ लिया, मैंने उसे अपना नाम बताया तो मैंने भी उससे पूछ लिया कि आप क्या करती हैं, वह कहने लगी कि मैं यही जॉब करती हूं और पंजाब की रहने वाली हूं। जब उसने यह बात मुझे बताई कि मैं पंजाब की रहने वाली हूं तो मैंने उससे बात करना शुरू कर दिया, मुझे उससे एक लगाऊ सा होने लगा, मैंने भी उसे कहा कि मैं भी पंजाब का ही रहने वाला हूं। मैंने उससे उसका नाम पूछ लिया, उसका नाम रेखा है और मैं काफी देर तक उससे बात करता रहा। वह उस दिन चली गई, वह जब भी मेरे काउंटर पर आती तो हमेशा ही मुझे देख कर मुस्कुरा देती और मैं उससे काफी देर तक बात करता हूं। मुझे उससे बात करना भी अच्छा लगने लगा था और वह भी मेरे साथ बात कर के अपने आप को अच्छा महसूस करती। एक दिन वह मुझे कहने लगी कि आप मुझे अपना नंबर दे दीजिए यदि मुझे कभी कुछ मंगाना हो तो मैं आपको फोन कर दिया करूंगी। मैंने उस दिन उसे अपना नंबर दे दिया और जब मैं उस दिन शाम को अपना काम खत्म कर के लेटा हुआ था तो उसका मुझे मैसेज आ गया, फिर मेरी और रेखा की मैसेज में ही बात होने लगी।

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काफी देर तक तो हम दोनों एक दूसरे को मैसेज करते रहे लेकिन कुछ देर बाद उसने ही मुझे सामने से फोन कर दी और जब उसने मुझे फोन किया तो हम दोनों की बातें एक दूसरे से होने लगी और मैं उससे काफी देर तक बात करता रहा, मुझे उससे बात करना अच्छा लग रहा था, वह भी मुझसे बात कर रही थी। मैंने रेखा से कहा कि अब बहुत रात हो चुकी है, मुझे कल सुबह अपना काम करना है तो अब मैं सो जाता हूं, मुझे नींद भी आ रही है, रेखा भी कहने लगी ठीक है हम लोग अभी सो जाते हैं मैं तुम्हें कल फोन करूंगी। यह कहते हुए उसने फोन रख दिया और मैंने भी अपने फोन को अपने तकिए के बगल में रख लिया, मुझे बहुत गहरी नींद आ गई। जब मैं सुबह उठा तो मैं सीधा ही अपने काम पर चला गया और वहां पर मैंने काम करना शुरू कर दिया, मेरी दुकान में काम करने वाले लड़के भी आ चुके थे, वह लोग मेरे साथ काम करने लगे क्योंकि हम लोग शाम के वक्त ही अपना काउंटर खोलते हैं इसलिए सुबह से शाम तक हम लोग काम कर लेते हैं और उसके बाद शाम को अपना काउंटर ओपन कर देते हैं। शाम के वक्त रेखा का मुझे फोन आ गया, वह कहने लगी कि क्या तुम मेरे घर पर सूप पहुंचा दोगे।

मैंने उसे कहा ठीक है तुम थोड़ी देर रुक जाओ अभी दुकान में कुछ कस्टमर है मैं उन्हें उनका सामान दे देता हूं उसके बाद मैं तुम्हें फोन करता हूं। जब मेरी दुकान में भीड कम हो गई तो उसके बाद मैंने रेखा को फोन किया और कहा कि क्या मैं सूप ले आऊं वह कहने लगी हां ले आओ। मैं जब उसके फ्लैट में गया तो उसने मुझे अंदर आने के लिए कहा और हम दोनों ही साथ में बैठकर बात कर रहे थे मैंने उसे कहा कल रात को तुम बहुत देर तक बात कर रही थी। वह कहने लगी मुझे तुमसे बात करते हुए अच्छा लग रहा था। उसने जो कपड़े पहने हुए थे वह बहुत ही पतले थे उसके स्तन मुझे दिखाई दे रहे थे, मैंने भी उसके स्तनों को अपने हाथ से दबा दिया। वह पूरे मूड में थी, वह मुझे कहने लगी लगता है तुम्हें आज मेरी जवानी का मजा लेना है। मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी चूत मारनी है मैंने जब उसके कपड़े खोले तो उसकी चूत पूरी गिली हो रखी थी, मैंने उसकी चूत के अंदर उंगली डाल दी। उसकी चूत का रंग पिंक था, मैंने उसकी चूत को जैसे ही अपनी जीभ से चाटा तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ  निकलने लगा। मैंने उसके दोनों पैर चौडे कर लिए जैसे ही मैंने उसकी गरमा गरम योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी। मैंने भी उसे बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए मेरा लंड उसकी योनि के अंदर तक चला गया। वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा है मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। मैंने उसे कहा तुम अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लो ताकि तुम्हारी योनि के अंदर तक मेरा लंड आसानी से जा सके। उसने अपने दोनों पैरों को चौडा कर लिया और मैं भी उसे बड़ी तेज गति से झटके देने लगा। मैं जब उसे धक्के मारता तो उसके मुंह से मादक आवाज निकल जाती वह अपने होठों से मुझे किस कर रही थी मैंने भी अच्छे से उसे किस किया। जब उसकी योनि से कुछ ज्यादा ही तरल पदार्थ बाहर की तरफ आने लगा तो मुझे लग गया कि वह झडने वाली है, मै ज्यादा समय तक उसकी योनि की गर्मी को नहीं झेल पाऊंगा। मैंने भी उसे बहुत तेज गति से चोदना शुरू कर दिया और इतनी तेज गति से झटके मारे जैसे ही मेरा माल उसकी योनि के अंदर गिरा तो वह कहने लगी, आज तुमने मुझे अपना माल पिला दिया। तुम्हारा वीर्य तुम्हारे सूप की तरह बहुत ही स्वादिष्ट है। मुझे नहीं पता कि वह मेरी गर्लफ्रेंड बन जाएगी। वह हमेशा मुझे खुश कर देती है और मैं उसे गर्मा गर्म सूप दे देता हूं।

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