खुली छत पर बीवी की चुदाई

नमस्ते दोस्तो, मैं कुमार आपके लिए एक चुदाई वाली कहानी लेकर आया हूं.मेरी सेक्स कहानी एकदम सच्ची घटना पर आधारित हैं

ये पिछले साल की बात है, मेरी बेटी की छुट्टियां चल रही थीं, तो मेरी बीवी और बेटी मेरी साली के पास मुंबई चले गए. मैं ही घर में अकेला रह गया था.

एक हफ्ते के बाद 24 तारीख को हमारी शादी की वर्षगांठ थी. इस वजह से मेरी साली ने मुझसे कहा कि इस बार एनिवर्सरी यहीं मनाएंगे.

मैं 23 तारीख को रात वाली ट्रेन पकड़कर 24 को सुबह साली के घर पहुंच गया. मुझसे मिलते ही मेरी वाईफ मुझसे लिपट गयी, बेटी भी आकर मेरे गले लग गयी. फिर बीवी ने कहा- आप जल्दी से तैयार हो जाओ, वाटर पार्क जाना है.

वाटर पार्क में हम पति पत्नी ने जमकर मस्ती की. मैंने उसके साथ पानी में सब कुछ किया, सिर्फ बीवी की चूत में लंड डालकर उसे चोदना ही बाकी रह गया था.

शाम 7 बजे घर पहुंच कर हमने केक काटा, फिर खाना खाया.

मेरी बीवी ने मुझसे कहा- हम दोनों सोने के लिए टैरेस पर जाएंगे.
मैं समझ गया कि आज तो जमकर चुदाई होगी. हम दोनों ने हफ्ते भर से चुदाई जो नहीं की थी.

हम दोनों बिस्तर लेकर छत पहुंच गए. जमीन पर बिस्तर डालकर बीवी नीचे चली गयी और फिर पानी लेकर आ गयी. मैं अपने कपड़े निकाल कर नंगा होकर उसके आने की राह देख रहा था.

मैंने देखा वो साड़ी निकाल कर नाईट गाउन पहन कर आ गई थी. मुझे नंगा देख कर उसने पानी की बोतल नीचे रख दी और झट से मुझसे लिपट गयी. वो मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगी और एक हाथ में मेरा लंड लेकर मसलने लगी.

मैं भी धीरे धीरे उसका गाउन ऊपर उठाने लगा. अन्दर पेटीकोट तो था नहीं … मुझे लगा कि पक्के में वो एकदम नंगी ही आई होगी. मैंने चैक करने के लिए उसकी गांड पर हाथ फेरा, तो वो नीचे पैंटी नहीं पहने थी. मैं उसकी चिकनी गांड को कभी दबाता … कभी सहलाता.

वो भी एकदम से चिपकी हुई मुझे चूस रही थी.

मैं अपने एक हाथ से बीवी की गांड दबाते हुए दूसरा हाथ ऊपर मम्मों की तरफ ले गया. पट्ठी ने वहां भी ब्रेजियर नहीं पहनी थी. मतलब वो अन्दर के सारे कपड़े उतार कर सिर्फ गाउन पहन कर आई थी.

मैंने उसे आंख भर कर वासना से देखा, तो उसने अपने दोनों हाथ ऊपर कर दिए.

अगले ही पल मैंने उसका गाऊन ऊपर से निकाल कर अपनी बीवी को पूरी नंगी कर दिया. उसका गोरा बदन चांद की रोशनी में बहुत ही खूबसूरत दिख रहा था.
मैं थोड़ा सा नीचे झुककर उसका एक निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगा. साथ ही उसके दूसरे निप्पल को अपनी दो उंगलियों में दबा कर हल्का हल्का सा मींजने लगा.

वो मस्त होने लगी और उसके मुँह से धीरे धीरे आवाज निकलने लगी- आंह … उंहह … पी लो मेरा दूध … आंह मेरी चूत के राजा … आंह … थोड़ा जोर से मम्मे दबाओ न … इस्स … आं…ह … मेरी चूत हफ्ते भर से तुम्हारे लंड के लिए तरस रही है … आज मुझे खूब चुदवाना है.

मैंने भी कहा- हां मेरे लंड की रानी … आज तेरी चूत जमकर चोदूंगा. जरा लंड चूस दे मेरी जान.
ये सुनकर वो झट से नीचे बैठ गयी और मेरा तना हुआ लंड अपने मुँह में भर कर चूसने लगी.

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हफ्ते भर से चूत न चोदने के कारण मेरा लंड मानो रॉड की तरह तन गया था.
वो लंड चूसते हुए कह रही थी- आंह … बहुत कड़क हो गया है … आज तो मैं बहुत मस्ती से चुदवाऊंगी, आज मेरी चूत बहुत खुश हो जाएगी.

मैं उसके दूध मसलने लगा, तो वो फिर से लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैंने कहा- नीचे देख … तेरी चूत गर्म हो गई है या देर है?
उसने अपनी चूत को हाथ लगाकर देखा तो उसकी चूत पूरी गीली हो गयी थी.
बीवी ने कहा- आ जा … मेरे सैयां … मुनिया रेडी है.

यह कह कर वो छत पर बिछे बिस्तर पर लेट गयी और उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया. उसने एक हाथ से मेरे सिर के पीछे के बाल पकड़े और दूसरे हाथ से अपना एक दूध पकड़ कर कड़क निप्पल को मेरे मुँह में दे दिया.

मैं उसका दूध चूसते हुए पीने लगा. उसने मेरे दूसरे हाथ को पकड़ कर अपने दूसरे मम्मे पर रखा और मम्मे को दबाने का इशारा किया. मैं अब दो काम एक साथ कर रहा था. उसका दूध चूस भी रहा था और मसल भी रहा था.

कुछ देर बाद मेरे बीवी ने मेरा बांया हाथ पकड़ कर अपने खूबसूरत फूली हुई चूत पर रखकर मेरा हाथ चूत पर दबा दिया.

मेरा और एक काम बढ़ गया. मैं अपनी मुट्ठी में उसकी चूत पूरी भर कर दबाने लगा. उसकी आह निकल गई.

वो बहुत गर्म हो गयी थी और लगातार आंह. … उन्ह इ..स्स…’ की आवाजें निकाल रही थी.

मैंने एक उंगली से चूत के दाने को हल्का सा छेड़ा और उसी उंगली को अंगूठे की सहायता से दाने को पकड़ लिया. वो दाने को छेड़ने से ही चिहुंक उठी थी, जब मैंने दाने को दो उंगलियों की मदद से मींजा, तो उसकी वासना चरम पर पहुंच गई. वो कसमसाने लगी. मैं उसकी चूत को भड़काने के लिए दाने को हल्के से मसलने लगा. मैं उसकी दाने को अंगूठे से रगड़ता और दो उंगलियों से पकड़ कर खींचता, इससे वो बहुत तेज सीत्कार करने लगती. अब वो बेकाबू होकर जोर जोर से कराहने लगी थी और अपनी गांड ऊपर उठाने लगी थी.

मैं लगातार अपनी दोनों उंगलियों से उसकी चूत का दाना रगड़ रहा था.

वो हद से ज्यादा बेकाबू होकर बिस्तर पर तड़पने लगी और हाथ पैर मारने लगी.

जब मैंने उसे छेड़ना नहीं छोड़ा, तो वो भी मेरा तगड़ा लंड हाथ में लेकर मसलने लगी. लंड मसलने से मुझे भी मजा आने लगा था और मैंने भी उसकी चूत के दाने को रगड़ने की स्पीड बढ़ा दी. उसने बिस्तर पर तड़पते हुए पूरा बिस्तर अस्त व्यस्त कर दिया. वो मेरा सर पकड़ कर अपने मम्मे पर दबाने लगी. उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और पूरी चूत गीली हो गयी थी.

एक पल रुकने के बाद उसने घूमकर मेरा लंड मुँह में लिया और जोर जोर से चूसने लगी. मैं उसकी झड़ी हुई चूत के दाने को अभी भी जोर जोर से रगड़ रहा था.

फिर अचानक मेरी बीवी ने मेरे कंधे पकड़ कर मुझे नीचे गिरा दिया और गुर्राते हुए मेरे ऊपर चढ़ गई. वो मेरे ऊपर दोनों तरफ पैर रखकर बैठ गयी थी और मेरा लंड अपनी मुट्ठी में पकड़ कर चूत की फांकों में घिसने लगी थी. मैंने हाथ हटा लिया था. वो लंड को चूत की दरार में सैट करके धीरे धीरे से लंड पर बैठने लगी.

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मेरा खड़ा लंड भी बीवी के गीली हुई गर्म चूत में घुसने लगा. वो मेरा पूरा लंड चूत में लेकर बैठ गयी. एक पल के लिए उसने लंड की गर्मी को महसूस किया और एक आह निकाल कर खुद की तृप्ति को जाहिर किया. अब उसने थोड़ा सा नीचे झुककर अपने एक निप्पल को मेरे मुँह में दे दिया.

मैं किसी छोटे बच्चे की तरह निप्पल चूसने लगा. उसने मेरा हाथ अपने दूसरे मम्मे पर रखकर दबाने को कहा.

अब मेरे मुँह में एक निप्पल था और दूसरे हाथ में एक मम्मा दबा था. नीचे चूत में लंड गर्मी ले रहा था.

हल्की चांदनी की रोशनी में हमारे दोनों के नंगे बदन खूबसूरत लग रहे थे. वो मुझे ऊपर से दनादन चोद रही थी. सब तरफ शांति का माहौल था, बस हमारी चुदाई की पचपच, खचपच, पचर पचर, फटफट की आवाज गूंज रही थीं.

कोई दो मिनट बाद ही उसकी चुदाई की स्पीड बहुत तेज हो गई थी.

वो अपने चूतड़ों को जोर जोर से ऊपर नीचे करके मेरा लंड अपनी चूत में जड़ तक ले रही थी.

“आह … मेरी जान … मजा आ रहा है … तुम्हारा लंड तो मेरी चूत की बैंड बजा रहा है … इस्स … मेरी चूत में कुछ कुछ हो रहा है … ऊई मां … तुम्हारा लंड तो मेरे पेट घुस रहा है … अब दोनों निप्पल एक साथ चूसो … आह … मेरी जान आग लगा दी है.”

मैं समझ गया कि अब इसकी चूत तो पानी छोड़ने वाली हो गई है.

बस फिर क्या था. उसके दोनों मम्मों को हाथ में लेकर मैंने उसके दोनों निप्पलों एक साथ मुँह में भरा और मस्ती से चूसने लगा. जैसे ही मैं उसके दोनों निप्पलों को चूसने लगा, उसने मेरे सर के बाल अपने दोनों हाथों से पकड़ कर गांड उठा उठा कर मुझे चोदना शुरू कर दिया.

वो चीखते हुए दस बारह बार जोर जोर से उछली और लंड पर धक्के मारते मारते ही उसकी चूत का फव्वारा छूट गया. वो एकदम से तेज आह … भरते हुए मेरे ऊपर गिरने लगी.

मेरी बीवी ने अपनी चूत को मेरे लंड पर जोर से दबा दिया. झड़ने के बाद वो मेरे ऊपर बेहोश सी होकर गिर गयी. वो पांच मिनट तक मेरे ऊपर ही लम्बी लम्बी सांसें भरते हुए पड़ी रही.

मगर अब भी मेरा लंड किसी योद्धा की तरह मेरी बीवी की चूत में अड़ा था.

पांच मिनट के बाद वो उठकर मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी. फिर मेरे होंठों अपने होंठों में लेकर चूसने लगी. फिर मेरी गर्दन के पीछे दोनों हाथ डालकर मुझसे लिपट कर मेरे ऊपर ही सो गयी.

मैंने पूछा- कैसा लगा?
उसने हांफते हुए कहा- बहुत अच्छा … तुम्हारे लंड ने तो आज मेरी चूत की मस्ती ही निकाल दी, बहुत तड़प रही थी. बहुत खुश है तुम्हारी चूत रानी, इसने तीन बार पानी छोड़ा है. अब तुम्हारी बारी है … जैसा चोदना चाहो, वैसे चोद लो.

मैंने बीवी को नीचे लिटाया, उसके पैर घुटनों से मोड़कर फैला दिए और मैं बीवी के चूत के सामने घुटनों के बल बैठ गया.

बीवी की गांड के नीचे एक तकिया रख दिया. उसके पैर फैलाने की वजह से चिकनी चूत ने अपना मुँह खोल दिया था. उसकी चूत मानो कह रही थी कि अब मेरे अन्दर तुम अपना लंड डाल दो.

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मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाया और बीवी की खुली हुई गांड पर रख दिया. मेरी बीवी ने अपने हाथों से दोनों कूल्हे फैला दिए. मेरे लंड का सुपारा अपनी गांड के छेद में रखकर दबा दिया. इधर मैंने गांड के छेद का अहसास करते ही दबाव बना दिया, तो मेरा सुपारा बीवी की गांड के अन्दर प्रवेश कर गया. उसकी उंह की आवाज आई, तो मैंने थोड़ा सा और जोर लगाकर धक्का दे मारा.

मेरा आधा लंड बीवी की गांड में विराजमान हो गया. उसकी सिसकारी निकल गई. अब मैं आधा लंड ही अन्दर बाहर करके चोदने लगा. बीवी को हल्का सा दर्द हो रहा था, इसलिए वो कराह रही थी.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड गांड से बाहर निकालकर गांड में थूक दिया और फिर से लंड को गांड में डाला, तो मेरा आधा लंड आराम से अन्दर चला गया.

मैंने फिर से चार पांच झटके दिए और अपना लंड थोड़ा बाहर निकाल कर जोर का धक्का लगा कर एक ही बार में पूरा लंड गांड की जड़ में पेल दिया.

गांड में पूरा लंड जाते ही बीवी के मुँह से चीख निकल गई. वो कहने लगी- धक्का मारने से पहले बोलना तो था.
मैंने कहा- अगर बोलकर धक्का मारता, तो तू चीखती ही नहीं. मुझे मजा ही नहीं आता.
वो कराहते हुए हंस दी.

अब मैं अपना लंड गांड में अन्दर बाहर करके आराम से बीवी की गांड चोदने लगा. गांड चोदते हुए कभी मैं बीवी के चुचे पी रहा था, तो कभी प्यारी बीवी के होंठों चूसने लगता.

आधे घंटे तक मैं अपनी प्यारी बीवी की गांड चोदता रहा. हम दोनों भी थक गए थे.

मेरी प्यारी बीवी ने पूछा- पानी कहां डालोगे? गांड में या चूत में?
मैंने कहा- तुम्हारी चूत की प्यास बुझाऊंगा.

ये कहते हुए मैंने अपना लंड गांड से निकाल कर खूबसूरत गीली चूत में घुसा दिया. बीवी ने अपने दोनों हाथ गर्दन के पीछे डालकर मुझे पकड़ लिया. अब मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा.

मेरे धक्कों से वो हिल रही थी, उसके मोटे मोटे मम्मे भी थिरक रहे थे. मेरी प्यारी बीवी नीचे से गांड उठाते हुए मेरा हौसला बढ़ा रही थी- आंह और जोर से … और जोर से, बहुत अच्छा लग रहा है … तुम्हारे जैसा तगड़ा लंड मुझे मेरी चूत चोदने को मिला है … आह बहुत खुशनसीब हूं मैं … आ … हा.

मैंने अपनी चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी, मुझे महसूस हुआ कि अब मेरा लंड पिचकारी छोड़ेगा, तो चार पांच तगड़े धक्के मारकर मैंने पूरा लंड बीवी की चूत में जड़ तक घुसा दिया और मेरे गर्म वीर्य की धार प्यारी बीवी के चूत में गिरने लगी.

बीवी ने मुझे कसकर गले लगा लिया. मेरा पूरा वीर्य चूत में गिरने के बाद पांच मिनट तक मैंने लंड को अपनी प्यारी बीवी की चूत में ही रखा. मैं उसके ऊपर ही ढेर हो गया था.

मेरी बीवी मेरे बालों में उंगली घुमा रही थी. वो बहुत खुश थी.

आपको मेरी बीवी की चुदाई की कहानी कैसी लगी … प्लीज़ मुझे मेल करके बताएं.
kadrain6@gmail.com

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