रेस्टोरेंट की मालकिन

मेरा नाम संजीव है दिल्ली का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 35 वर्ष है। मैं एक शादीशुदा पुरुष हूं और मेरी शादी को 6 वर्ष हो चुके हैं। इन 6 वर्षों में मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन उसके बावजूद भी हमेशा मेरे फैसलों पर मेरी पत्नी ने मेरा बहुत साथ दिया है। कुछ समय पहले ही हमारे घर पर एक व्यक्ति आए थे। वह मुझे कहने लगे मैं तुम्हारे मामा का दोस्त हूं और तुम्हारे मामा ने ही मुझे तुम्हारे पास भेजा है। मैंने उन्हें कहा हां आप बताइए आपको क्या काम था। वह मुझे कहने लगे कि मुझे एक ऑफिस किराए पर लेना है यदि आप मेरी मदद करते हैं तो आपकी बड़ी मेहरबानी होगी। मैंने उन्हें कहा  आपको मेरे मामा ने भेजा है तो मैं जरूर आपकी मदद करूँगा। मैंने उन्हें कुछ समय बाद ही अपने घर के पास ऑफिस दिलवा दिया। अब मैं अक्सर उनके ऑफिस में भी बैठ जाता था। एक दिन मैं उनके ऑफिस में बैठा हुआ था। वह मुझे कहने लगे कि आपका काम तो अच्छा चल रहा होगा। मैंने उन्हें कहा हां मेरा काम तो अच्छा चल रहा है। वह हरियाणा के जींद के रहने वाले हैं। मेरे दिल्ली में कपड़ों का होलसेल का काम है।

वह मुझे कहने लगे कि मेरे भाई ने जींद में दुकान डाली है यदि आप उसे माल सप्लाई करते हैं तो अच्छा रहेगा। उसका भी काम अच्छा चल रहा है और वह भी थोड़े पैसे कमा लेता है। जब आप उसके पास माल सप्लाई करेंगे तो आपको वहां पर मार्केट में और भी काम करने का मौका मिल जाएगा। मैंने उन्हें कहा ठीक है आप मुझे अपने भैया का नंबर दे दीजिए मैं उनसे जाकर ही मिलूंगा। मैं जब घर लौटा तो मैंने अपनी पत्नी से कहा मैं कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहा हूं। मेरी पत्नी कहने लगी तुम वापस कब लौट आओगे। मैंने अपनी पत्नी से कहा मैं चार-पांच दिन में वापस लौट आऊंगा। मेरी पत्नी कहने लगे कि तुम दो दिन बाद चले जाना क्योंकि मेरे मम्मी पापा भी तुमसे मिलना चाहते हैं और वह काफी समय से तुमसे मिले नहीं हैं। मैंने अपनी पत्नी से कहा ठीक है मैं दो दिन बाद ही चले जाऊंगा।

जब मेरी पत्नी के माता-पिता घर पर आए तो वह लोग मेरे साथ काफी देर तक बैठे हुए थे। वह मुझसे पूछने लगे तुम्हारा काम अच्छा चल रहा है। मैंने उन्हें कहा की काम तो अच्छा चल रहा है और अब पहले से भी ज्यादा काम चलने लगा है। वह मुझे ही अपना बेटा समझते हैं क्योंकि उन्होंने अपने लड़के को घर से बेदखल कर दिया है। उसे जूये की बहुत गंदी लत है और उसी लत की वजह से उन्होंने अब उससे रिश्ता ही खत्म कर दिया और अब वह लोग मुझे ही अपना बेटा समझते हैं इसीलिए मैं भी उनका बहुत आदर और सम्मान करता हूं। दो दिन तक वह लोग हमारे घर पर ही रुके हुए थे और जब वह लोग गए तो वह मुझे कहने लगे तुम लोग अपना ध्यान रखना वह लोग भी जा चुके थे और मैंने भी उसके बाद अपना सामान पैक कर दिया। मैं जींद पहुंचा तो मैंने उस व्यक्ति को फोन कर दिया उन्होंने मुझे कहा कि मैं आपका इंतजार कर रहा था। मैं जब उनसे मिला तो वह मुझे कहने लगे आप यहां कहां रुके हैं। मैंने उन्हें कहा कि मैं यहां एक छोटे से होटल में रुका हूं। वह कहने लगे आप हमारे घर पर ही रुक जाते। मैंने उन्हें कहा नहीं कोई बात नहीं। उन्होंने मुझे अपने ऑर्डर की लिस्ट दे दी और कहा कि आप कल मुझे दोपहर के वक्त मिलिए मैं आपको कुछ और लोगों से मिलवाऊँगा। वह लोग जरूर आपसे सामान ले लेंगे। मैंने उनकी दुकान में ही कुछ सैंपल रखवा दिए थे और मैं अब उनकी दुकान से वापस होटल में लौट गया। मैं होटल में ही बैठा हुआ था उसी बीच मेरी पत्नी का भी फोन आया।  मेरी पत्नी कहने लगी आप ने खाना तो खा लिया। मैंने अपनी पत्नी से कहा तुम मेरी इतनी चिंता मत किया करो लेकिन वह मेरी बहुत चिंता करती है। जब मै वहीं पास के एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए गया तो वहां पर उसने बड़ा ही अच्छा खाना बनाया था। मैंने उसके खाने की बहुत तारीफ की और उसे एक्स्ट्रा पैसे भी दीये। मैं जब रेस्टोरेंट के मालिक से मिला तो वह मुझे कहने लगे आप कहां से आए हैं। मैंने उन्हें बताया कि मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और काम के सिलसिले में यहां पर आया हूं। मेरी उनके साथ काफी देर तक बात हुई उसके बाद मैं होटल में चला गया। अगले दिन जब मैं अपने काम के सिलसिले में गया तो मुझे और भी आर्डर मिल गए। मैं बहुत खुश था और मैं शाम को दोबारा से उसी रेस्टोरेंट में चला गया। मैं वहां पर बैठा हुआ था तो मैंने देखा उस दिन रेस्टोरेंट के मालिक नहीं थे। मैंने उनसे पूछा क्या वह कहीं बाहर गए हुए हैं। वह कहने लगे हां वह अभी कुछ देर पहले ही कहीं चले गए और कुछ देर बाद लौटेंगे। मैंने खाने का ऑर्डर कर दिया और जब मैंने खाना खा लिया था तो उसके बाद मैंने बिल मंगा लिया। मैंने जब बिल मंगाया तो मैंने वह बिल पे किया और उसके बाद मैं हाथ धोने के लिए चला गया।

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मैने देखा काउंटर पर एक बड़ी माल महिला बैठी हुई है। मैं उनके पास चला गया और उनसे बात करने लगा। मैंने उनसे पूछा आज रेस्टोरेंट के मालिक अंदर नहीं आए। वह कहने लगी मैं उनकी पत्नी हूं। मैंने जब उन्हें देखा तो उन्हें देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं उनके साथ बात करने लगा। मैं काफी देर तक उनसे बात करता रहा। मैंने उनसे बात की तो वह पर मेरी बातों में आ गई। वह मुझ पर इंप्रेस हो गई मैंने उन्हें अपना नंबर दे दिया। वह मुझे कहने लगी मैं आपके होटल में आ जाऊंगी। यह कहते हुए मैं वहां से चला गया। मैंने उन्हें फोन किया तो वह मुझे कहने लगी मैं कुछ देर में आपके होटल में पहुंच जाऊंगी। कुछ देर बाद वह होटल में आ गई। जब वह होटल में आई तो मैंने उन्हें कहा आप तो बड़ी जल्दी ही आ गई। वह मुझे कहने लगी सीट पर बैठे कर मेरी चूतडो मे दर्द हो गया सोचा अपनी चूतड़ों को थोड़ा गर्म कर लिया जाए इसलिए मैं आपके पास आ गई।

उनकी बातें सुनकर मैं हंसने लगा और बहुत जोर से ठहाके मारने लगा। मैं इतनी जोर से हंस रहा था उन्होंने मुझे कहा क्या आप हंसकर ही समय बर्बाद करने वाले हैं या कुछ करने वाले हैं। मैंने तुरंत उनके कपड़े उतार दिए मैने उन्हें अपने नीचे दबोच लिया। जब मैंने उनके होठों को चूसना शुरू किया तो उन्होंने भी मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया और मेरे होठों से खून निकाल दिया। मैं उनके स्तनों को अपने हाथ से दबा रहा था। जोर से मैं उनके स्तनों को दबा रहा था। उनके मुंह से मादक आवाज निकल रही थी। कुछ देर बाद जब मैंने उनके स्तन पर अपने मुंह को लगाया तो उन्होंने मुझे कहा आप मेरे स्तनों को बड़े अच्छे से चूसते रहिए। मैंने भी उनके स्तनों को बहुत देर तक चूसा जब तक उनकी चूत ने पानी नहीं छोड़ा। मैंने उनकी योनि के अंदर अपनी उंगली डाल दी उनकी चूत बहुत ज्यादा पानी छोड़ रही थी। मैं भी ज्यादा समय तक नहीं रह पाया। मैंने जब अपने लंड को उनकी योनि के अंदर डाला तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी आपका लंड बड़ा मोटा है। उन्होंने अपने दोनों पैरों को मेरे कंधे पर रखते हुए कहा कि आपके अंदर जितने भी ताकत है वह सारी ताकत मेरे अंदर झोंक दीजिए। मैंने भी 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चोदना शुरू कर दिया।

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मैने इतनी तेजी से झटके दिए कि मैंने जिंदगी में कभी भी इतने छक्के मारे थे। उनकी सांस फूल रही थी और मेरी भी सांस फूल रही थी। उनकी चूतड़ों कि मैंने ऐसी सिकाई की की जब 200 झटकों के बाद मेरा वीर्य पतन हुआ तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी आपके साथ सेक्स कर के मजा आ गया। वह मुझे कहने लगी वंस मोर मैंने भी दोबारा से उसी पोज में उन्हें चोदना शुरू किया। मैंने जैसे ही अपने लंड को उनकी योनि के अंदर डाला तो वह चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगी दोबारा आप उतनी ही तेज गति से मुझे झटके दीजिए। मैंने भी दोबारा उसी गति से उन्हें झटके देना शुरू कर दिया मै उन्हें बुरी तरह से चोद रहा था। मुझे बहुत मजा आने लगा लेकिन इस बार मेरा लंड छिल गया और उनकी चूत भी बहुत दर्द होने लगी। वह मुझे कहने लगी मेरी योनि बहुत दर्द हो रही है मैंने कहा बस मेरा झडने वाला है। जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो मैंने अपने वीर्य को उनके स्तनों पर गिरा दिया। उसके बाद वह खुश हो गई।

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