मीनाक्षी का दर्द रियांश का स्प्रे

हैलो दोस्तो कैसे हो?
मैं आप के लिए अपनी एक नयी कहानी लेकर आया हूँ। आप को जरूर पसंद आएगी। उस से पहले आप मेरे बारे में थोड़ा सा जान लीजिए। मेरा नाम रियांश सिंह है । मेरी उम्र 24 वर्ष है। में एक आर्किटेक् हूँ और भोपाल में रहता हूं। तो चलिए कहानी को आगे बढ़ाते है। तो बात लॉक डाउन की है। लॉक डाउन में मुझे वर्क फ्रॉम होम मिल गया था तो घर का सारा काम ही मुझे करना पड़ता था क्यों की कोविड के डर से बाई वगैरा को हटा दिया था। सारे काम के साथ साथ डेरी से दूध लाने का काम भी मेरे हिस्से में आ गया था। और ये काम मुझे बहुत खराब लगता है क्यों की वहाँ बहुत सारी लेडीज आती है और ना जाने बेमतलब की बात करती है और मैं पक जाता हु। लेकिन क्या करे इस बार वर्क फ्रॉम होम के साथ ये काम भी मेरे हिस्से में आया। मेरा आज पहला ही दिन था दूध लेने जाने का हमने अपना दूध डेरी वाला बदल लिया था तो शाम 4 बजे मैं दूध लेने गया। मैं जैसे ही वहाँ पहुंचा तो देखा आदमी दूध निकाल रहा था। मैं जैसे ही वहाँ पहुंचा तो उन्होंने मुझे देखा और बोले तुम कौन?? मैंने कहा मैं सिंह साहब का लड़का हु। तो उन्होंने कहा तुम बाहर नौकरी करते हो वही हो। मैंने कहा हाँ अभी ये कोविड के कारण वर्क फ्रॉम होम है। तो ऐसे ही बातचीत में पता ही नही चला कब दूध निकल गया । फिर उन्होंने मुझे दूध माप के दे दिया और मैं घर आ गया। जब मैं अगले दिन दूध लेने गया तो मैंने देखा की एक सवाली सी लड़की दूध निकाल रही थी। मैंने देखा तो मुझे थोड़ा अजीब लगा। तो वो मुझे देखते ही बोली आज पापा नही है तो उन्होंने कहा था की सिंह साहब का बालक आएगा तो उन्हे दूध दे देना। मैंने कहा वही मैं तुम्हे देख के थोड़ा अचंभित हो गया मैंने किसी लड़की को दूध निकलते नही देखा। तो उसने कहा क्या सिर्फ आदमी दूध निकाल सकते। Maine कहा नही नही बस देखा नही कभी। और आज फिर बातों बातों में पता नही चला कब दूध निकल गया। फिर वो बाल्टी लेकर उठी तो वही पास पड़े गोबर से फिसल गयी। और पिछवाड़े की साइड गिरी और थप से आवाज आयी। लेकिन बाल्टी खड़ी गिरी तो दूध नही फैला। मैं आगे उसकी साइड बढ़ा और उसका हाथ पकड़ के उसे उठाया और पास वाले चबूतरे पे उसे बैठा दिया और पूछा लगी तो नही। तो उसने कहा नही नही बस ऐसे ही कुछ नही हुआ। तो मैंने कहा अगर ज्यदा दिक्कत हो तो मूव स्प्रे लगा लेना। वो कहती ठीक है। लेकिन स्प्रे तो है नही और पापा मम्मी शादी में गए है। 2-3 दिन बाद आएंगे। तो मैंने कहा मैं दे जाऊंगा घर पे रखा है। तो वो मना करने लगी की अरे ऐसी कोई बात नही नॉर्मल है तुम परेशान ना हो। मैं बोला अरे परेशान वाली बात नही अंदरुनी दर्द बेकार होता। तुम दूध माप के रखो मैं आता। तो मैं घर आया और अपने रूम से स्प्रे और पेन किलर लेकर वापिस दूध डेरी पे चला गया। जब मैं वहाँ पहुंचा तब तक वो दूध माप चुकी थी। मैंने उसे स्प्रे दिया और टैबलेट दी कहा अगर दर्द हो तो खा लेना। तो वो कहती है थंक्यू।।। मैंने कहा थंक्यू की जगह चाय पिला दो। तो उसने कहा आओ आओ ऐसी क्या बात है। मैंने कहा अरे ऐसे ही मजाक कर रहा था। वो कहती अरे आओ मैं अपने लिए वैसे भी बनाने वाली थी। तो मैंने ज्यदा भाव ना खाते हुए उसके घर पे बेठ गया और वो चाय बनाने के लिए रूम के साम ने ही किचन था वही चली गयी। और मैं बैठा ही था तो वो अंदर से बोली अरे आप ने मेरी हेल्प की और आप के लिए चाय बना रही मैं। लेकिन आप का नाम तक नही पता। मैंने कहा मेरा नाम रियांश है और आप का तो वो कहती मेरा नाम मीनाक्षी है। मैंने कहा अच्छा नाम है तुम्हारा। तुम क्या करती हो वैसे।

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मीनाक्षी:- मैं B.Com किया है और मेरे लिए घर वाले रिश्ते देख रहे। मैंने कहा इतनी जल्दी ये उम्र तो बॉयफ्रण्ड बनाने की है! तो वो हसने लगी। कहती है उम्र तो किसी चीजे की नही होती। और इतने मैं उसकी चाय बन गयी और वो चाय ट्रे में लेकर आयी जैसे ही उसने चाय की ट्रे टेबल पे रखी तो एक दम से आह की आवाज निकल गयी। मैंने कहा क्या हुआ तो कहने लगी दर्द हो रहा। मैंने कहा स्प्रे लगा लो। तो वो कहती लगती हूँ थोड़ी देर से और वो मेरे पास वाली कुर्सी पे बैठ गयी। और हम दोनों ने अपनी चाय खतम की। और फिर मैंने कहा चलता हूँ चाय के लिए थंक्यू। तो वो कहती है थंक्यू की कोई बात नही। फिर मैंने कहा मालिश कर लेना आराम मिल जायेगा। तो वो कहती खुद से खड़े होने में दिक्कत हो रही मालिश कैसे करूँगी। मैंने कहा किसी से करवा लेना। मीनाक्षी:- अरे कोई है नही। मैंने कहा मैं लगा सकता अगर तुम्हे कोई दिक्कत ना हो तो। वो कहती अरे ना बाबा मैं कर लुंगी। मैंने कहा ठीक है। और मैं वापिस घर आ गया। फ़िर उस रात में उस लड़की के बारे में सोचता रहा की मीनाक्षी बहुत ही प्यारी है और खुले विचार वाली है। और सोचते सो गया। फिर अगले दिन में फिर दूध लेने गया। जब में वहाँ पहुंचा तो देखा वो मेरा ही इंतज़ार कर रही थी। वो काफी प्यारी लग रही थी उसने लाल रंग की कुर्ती और गुलाबी रंग की प्लाज़ो पहन रखी थी और छोटी सी काली रंग की बिंदी उसके माथे पे अलग ही चार चाँद लगा रही थी उसकी खूबसूरती में।मैं उस से कुछ कहता इतने में उसने मुझसे कहा की आज दूध नही मिलेगा क्यों की मैं नही निकल पाऊँगी। क्योंकि मेरी कमर के नीचे काफी दर्द बढ़ गया है। मैंने उस से पूछा की तुमने मालिश नही की। मीनाक्षी:- अरे खुद से कैसे करती जो तुमने पैन किलर दी थी उस से थोड़ा आराम मिला। मैंने कहा दूध की कोई बात नही मैं मालिश कर देता हु। तुम परेशान ना हो तुम ये समझना डॉ. को दिखाने आये हो। तुम मुझपे भरोसा कर सकती।
मीनाक्षी :- अरे भरोसे वाली बात नही बस तुम समझो ना बाबा मैं एक लड़की हूँ और मुझे थोड़ा अजीब सा लग रहा सुनके। मैंने कहा अरे बातें बाद में करना जाओ स्प्रे लाओ मैं लगाओ। उसके बाद उसने कहा रूम में चलो वही लगा देना। मैं जैसे ही रूम में गया तो उसने मेरे हाथ में स्प्रे दे दिया और कहा लग दो। स्प्रे देने के बाद वो बिस्तर पे लेट गयी। मै बिस्तर पे बैठा और मैंने कहा अपनी कुर्ती थोड़ी उपर करो। उसने वही उल्टे लेटे हुए अपने एक हाथ से थोड़ी कुर्ती उपर की। मैंने स्प्रे का ढकान् खोला और स्प्रे को उसकी कमर के पास ले जाके दवा दिया। उसने कहा ठंडा ठंडा लग रहा। मैंने फिर अपने हाथ उसकी कमर के पास रखे और अपने दोनो हाथों से उसकी मालिश करने लगा।मैंने मालिश करते मैं पूछा दर्द कहाँ है एक्सक्टली तो वो कहती है थोड़ा सा कमर के नीचे मैंने कहा तुम्हारा प्लाज़ो थोड़ा नीचे सरकओ उसने बिना कुछ बोले अपना प्लाज़ो थोड़ा सा नीचे कर लिया। जब उसने नीचे किया तो उसके थोड़े से कुल्हे दिख रहे थे। मुझे शरीर में थोड़ी झुर् झुरि होने लगी। मैंने उसके कुल्हे पे थोड़ा स्प्रे डाला और फिर हाथ से दबाने लगा। और अपने दोनो हाथ उपर से नीचे मालिश करने लगा। मीनाक्षी गहरी गहरी साँसें लेने लगी। मुझे भी कुछ कुछ होने लगा। मैं उसकी मालिश कर ही रहा था तो मीनाक्षी ने कहा रियांश बहुत मज़ा आ रहा है। और कहती है एक बात कहु???
मैंने कहा हाँ बोलो। तो उसने कहा कल जब तुम्हे देखा था तभी से तुम काफी अच्छे लगे मुझे। मैंने कहा थंक्यू तुम भी बहुत प्यारी हो। और एक दम से मुड़ कर उसने मेरी गर्दन पे हाथ रखा और अपने होंठ मेरे होंठ पे रख दिये। मैं एक दम से समझ नही पाया और में पीछे हट गया। वो एक दम से सोर्री सोर्री बोलने लगी। मैंने बिना कुछ सोचे उसे अपनी साइड खीचा और उसके होंठ पे अपने होंठ रख दिये। और उसके होंठों को चूसने लगा। मै उसके उपर वाला होंठ चूस रहा था और वो मेरे नीचे वाला। हमने वो किस बहुत लंबा किया। फिर अपने होंठ उसके होंठ से हटाये फिर उसके गाल पे किस किया वो गरम गरम साँसें ले रही थी। मैं उसे धीरे धीरे किस करता गया। और उसके राइट कान को मैं जीब से चाटने लगा। जब आप ये किसी लड़की को करते है तो वो और उतवाली हो जाती है। वो और तेज तेज साँसें लेने लगी। मैं किस करते करते उसके एक बुबे को अपने उल्टे हाथ से कुर्ती के उपर से ही धीरे धीरे दबाने लगा। और मीनाक्षी अपने सीधा हाथ मेरे लंड को पैंट के उपर से ही हल्के हल्के से मसल रही थी। मेरी भी तेज तेज साँसें चल रही थी। उसने अपना हाथ हटाया। और अपनी कुर्ती निकाल दी। Aur फिर उसने अपनी काले रंग की ब्रा भी निकाल दी। वो बहुत ज्याद ही उतवाली थी। मैंने उस से कहा तुम लेट जाओ। और वो वही बिस्तर पे लेट गयी। मैंने भी अपनी शर्ट निकाली। और उसके उपर चड गया। पहले मैंने उसे फिर किस किया। और किस करते करते धीरे धीरे उसकी चिन पे किस किया और थोड़ी देर चूसा वो लंबी लंबी साँसें ले रही थी। और अपने सीधे हाथ से मेरा लंड तेज तेज दबा रही थी। लंड मेरा पहले ही खडा हो चुका था। उसने मेरे पैंट का बटन खोल और पैंट ki चैन खोल के थोड़ा सा खिसक दिया और मेरी चड्डी में हाथ डाल कर लंड को मसल्ने लगी। मैं उसकी चिन को चूसते चूसते उसकी गर्दन पे किस करने लग। और अपने उल्टे हाथ से उसके बुबा दबा रहा था। उसके बुबे ज्यादा बड़े नही थे। लेकिन टाइट थे। तो काफी मज़ा आ रहा था। उसके निपप्ले खड़े हो गए थे और बहुत टाइट हो गए थे। वो हल्के से ब्राउन रंग के थे। मै उसकी गर्दन चांट चाँट के नीचे आया और उसके बुबे को मुह में ले लिए। और उसने चाटने लग। और दूसरे वाले बुबे को बहुत तेज दबाने लगा। बीच में मीनाक्षी बोलती है थोड़ा आराम से। मैं कहा सुन ने वाला था मैं अलग ही नशे में था। फिर मैंने अपना मुह दूसरे वाले बुबे पे रख दिया। और उसे चूसने लग गया। और सीधे हाथ से मैं उसका बुबा दबा रहा था। और उल्टे हाथ से उसकी चूत दबा रहा था। उसके प्लाज़ो के उपर से ही। थोड़ी देर तक चूसने के बाद। मैं उठा और उसका प्लाज़ो अपने दोनो हाथों से पकड़ कर एक बार में ही उतार दिया और उसकी ब्लैक पैंटी भी अपने हाथों से उतार di। जब मैंने उसकी चूत देखी तो वो क्लीन शैव थी। जैसे आज ही की हो। मैंने कुछ न सोचते हुए। अपना मुह उसकी चूत पे रख दिया। और उसकी चूत को चाटने लगा। उसकी चूत थोड़ी गीली थी। मैंने अपने हाथ की उंगलियों से उसकी चूत खोली तो वो ज्यादा खोल ही नही रही थी। मीनाक्षी लंबी लंबी साँसें ले रही थी और मेरा सर अपनी चूत पे दबा रही थी। और कह रही थी जल्दी करो प्लिज़ प्लिज़ अब मुझसे न रुका जा रहा। मेरा भी लंड काफी टाइट हो चुका था। मैंने उसकी चूत पे थोड़ा थूका और अपना पैंट उतार के फेका। फिर Maine उसके दोनो पैरो को अपने कंधे पे रखा और उसकी चूत पे जो थूक था उसे थोड़ा हाथ से मलके अपने लंड को उसके छेद पे सटया aur हल्का सा धक्का मारा। मेरा थोड़ा सा लंड घुस गया। और वो एक दम से आह आह करने लगी और बोली जल्दी कर प्लिज़। मैं उसकी पीठ के नीचे दोनो हाथ घुसेड और उसको अपनी साइड खींचा और खुद थोड़ा झुक कर उसको किस करने लग गया। और उसके होंठों को बारी बारी चूसने लग गया।उसको भी काफी मज़ा आ रहा था। वो दम से चूसती जा रही थी। और मैंने महसूस किया की उसकी चूत थोड़ी गीली हो गयी है। मैंने फिर एक और धक्का मार दिया। और वो बिस्तर पे पीट के बल फिर पहुँच गयी। और मैं धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा। मेरा लंड पे बहुत गर्मी महसूस हो रही थी। धीरे धीरे मैंने अपनी गति बढ़ायी। और तेज तेज अंदर बाहर करता गया। और कुछ समय बाद में झड़ गया। मैंने अपना लंड बाहर निकला और 69 की अवस्था में apna लंड उसके मुह की साइड कर दिया और मेरा मुह उसकी चूत की साइड ले जाकर चाटन लग। फिर में अपनी दोनो उंगलियाँ उसकी चूत में तेज तेज घूमने लग और कुछ देर बाद वो भी झड़ गयी। और उसने मेरा लंड का सारा वीर्य चाट चाट के साफ कर दिया था। उस दिन मैं पूरी रात वही रुका। और उस दिन हमने 4 बार सेक्स किया। अलग अलग अवस्थाओ में। और हमने साथ में पोर्न मूवी भी देखी। अब आप बताये आप को मेरी कहानी कैसी लगी। आप मेल करके अपना सुझाव जरूर दे और जरूर बताये की मेरी कहानी मै आप को कितना मज़ा आया

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