शिल्पा को मिला हर्ष के बड़े लंड का सहारा

दोस्तो, मेरा नाम शिल्पा है और मेरी उम्र 19 साल है.मैरी फिगर पतली ओर में बहुत सेक्सी दिखती हु.आज आपके सामने अपनी कहानी कहना चाहती हूं. यह कहानी एक सच्ची कहानी है जो मेरी आपबीती भी है. इस कहानी में आपको बताऊंगी के कैसे हमने सेक्स का मज़ा लिया
एक दिन मैं बाज़ार गई थी. तभी पीछे से किसी ने आवाज़ दी. मैंने पीछे मुड़ के देखा तो वो हर्ष थे.हर्ष मेरे पड़ोस में रहते थे. उनके पापा और मेरे पापा अच्छे दोस्त हैं. मैं हर्ष को बहुत पसंद करती थी.दिखने में अच्छे थे, बॉडी बिल्डर लगते थे. लगभग 25-26 के आसपास उनकी उम्र होगी.वेसे तो वो रोज मेरे पिछे पिछे आते थे.पर आज अच्छे मूड में लग रहे थे.मैं बहुत खुश हुई. उन्होंने मुझसे नंबर मांगा तो मैंने बिना रुके अपना नंबर दिया. उस दिन से हम लोग रोज बात करते. कभी कभी रात के 2-3 बज जाते. इसी तरह 2 साल बीत गये. मुझे उससे बात करना अच्छा लगता था क्योंकि मुझे उससे प्यार जो हो गया था.
मुझे हर्ष से मिलना था पर वो हर बार मना कर देते थे. और मिलते तो भी 5-10 मिनट के लिए. इसलिए मुझे हर्ष पर बहुत गुस्सा आता था.सच कहुं तो मुझे उनका मोटा काला लंड देखना था.क्यूंकि जादा उम्र के मर्दों का लंड बहुत बड़ा और मोटा होता है.अब मेने भी सोच लिया था कि मैं हर्ष से चुदवा कर ही रहुंगी उसके लिए मुझे कुछ भी क्यु ना करना पड़े.मैने हर्ष को जलन हो इसलिए मेरे क्लास के अनुज से बात करना चालू कर दिया.अनुज मुझसे एक साल छोटा था पर बहुत अच्छा दिखता था.अब में अनुज से मिलने भी लगी.पर ये सब में सिर्फ हर्ष को जलन हो इसलिए कर रही थी.मै अनुज‌ से मिलती तब वो मुझे किस कर लेता था.अनुज मुझे चोदना चाहता था वह में समझ गई थी. और हर्ष को‌ भी पता चल गया था कि मैं अनुज से बात करती हूं.इस‌ बात को लेकर मेरे ओर हर्ष के बिच झगड़ा हो गया. और मेने भी हर्ष से बोल दिया कि वो मुझसे मिलते नहीं इसलिए मैंने अनुज से बात करना चालू किया था.हर्ष ने अब मुझे अनुज से बात करने से मना कर दिया. और मेने बंद कर दिया.हर्ष समझ गये थे कि मैंने इसे चोदा नहीं तो ये अनुज के पास चली जाएगी.मै यहीं तो चाहती थी अब मेरा प्लान सफल हो गया.उसके अगले दिन ही हर्ष का कोल आ गया और मुझसे मिलने के लिए कहा.मैने तुरंत ही हा बोल दिया.मै समझ गई थी कि हर्ष मुझे चोदना चाहते हैं.
वो मुझे सुबह सुबह में ही अपनी बाइक पर बैठा दिया.मै‌ उनको‌ पकड़ कर बैठ गई.

वो मुझे एक होटल में ले गये। वहां पर हर्ष ने एक रूम बुक किया तो में और वो दोनों रूम में चले गए। वहां पर रूम के अंदर जाते ही उन्होंने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मुझे गले पर किस करने लगे और मेरे बूब्स को टी-शर्ट के ऊपर से ही दबाने, मसलने लगे और फिर कुछ देर बाद उसने मुझे घुमाया और मेरे होंठो पर लिप किस करने लगे। उनके ऐसा करने से मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था और थोड़ी देर किस करने के बाद उन्होंने मेरी टी-शर्ट को उतार दिया। दोस्तों मैंने उस समय काली कलर की ब्रा पहन रखी थी और फिर उन्होंने अपनी शर्ट को भी उतार दिया और हम किस करने लगे और वो मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से पागलों की तरह पूरे जोश से दबा रहे थे।

फिर उन्होंने कुछ देर के बाद मेरी ब्रा को भी उतार दिया और वो मुझे अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले गये और अपनी पेंट को उतारने लगे और फिर पेंट उतारने के बाद वो मेरे ऊपर आये और बोले कि तुम बाहर की तरह अंदर से भी बहुत सुंदर हो और आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो, तुम्हारे बूब्स दूध से भी ज़्यादा सफेद और रुई से भी ज्यादा मुलायम है। अब में उनके मुहं से मेरे जिस्म की तारीफ सुनकर और भी गरम हो रही थी। उन्होंने मेरे हर एक अंग को छूकर महसूस करके उसके बारे में मुझे बताया। तो कुछ देर में वो मेरे ऊपर आ गये और मेरे दोनों बूब्स को दबाने लगे और कुछ देर के बाद एक बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगे और दूसरे को हाथ में लेकर मसलने लगे। उनके ऐसा करने से मुझे हल्का सा दर्द महसूस हो रहा था और में जोश से आअहहहह आईईईइ उफफ्फ्फ्फ़ कर रही थी। में धीरे धीरे मदहोश हो रही थी और फिर थोड़ी देर बूब्स चूसने के बाद वो थोड़ा नीचे की तरफ आकर मेरी नाभि चाटने लगे और मेरे पूरे पेट को चूमने व चाटने लगे और अब में बहुत गरम हो चुकी थी।

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फिर थोड़ी देर बाद वो उठे और मेरी जींस को खोलने लगे, मेरी जींस बहुत टाईट थी इसलिए उससे जल्दी नहीं निकल रही थी क्योंकि में हमेशा से ही सभी कपड़े ज़्यादा टाईट ही पहनती हूँ, जिसकी वजह से देखने वालों को मेरे जिस्म का हर एक अंग बाहर से ही बहुत अच्छी तरह से नजर आ जाता है। मेरी गांड, बूब्स, कमर का साईज पता चल जाता है और वो सब मुझे हमेशा घूरकर देखते है। फिर थोड़ी मुश्किलो के बाद उन्होंने मेरी जींस को उतार ही दिया और फिर वो मेरी काली कलर की पेंटी को देखकर एकदम दंग रह गया, क्योंकि वो मेरी चूत पर एकदम चिपकी हुई थी और थोड़ी सी गीली भी थी और फिर उन्होंने झट से मेरी पेंटी को उतार दिया और मेरी चूत को घूरकर देखने लगा मानो जैसे पहले कभी उसने चूत ही ना देखी हो? फिर वो मेरी दोनों टांगो को फैलाकर नीचे की तरफ आ गये। उन्होंने मेरी चूत के दाने को पहले अपनी एक उंगली से छूकर देखा और उन्होंने कहा कि तुम्हारी चूत तो अंदर से बिल्कुल गुलाबी, कोमल व मासूम दिख रही है और फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे। मेरी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी और वो पूरी कामुक दिख रही थी। दोस्तों फिर वो मेरी चूत में अपनी पूरी जीभ को डाल रहा था और मेरे दाने को चूस रहा था जिसकी वजह से मुझे हल्का मीठा मीठा सा दर्द हो रहा था और में आअहह आईईई उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ कर रही थी। में पूरे जोश से सिसकियाँ ले रही थी और उनके सर को अपनी चूत के मुहं पर दबा रही थी और अपनी कमर को बेड से ऊँचा उठाकर उसकी जीभ को अपनी चूत की गहराई में घुसाने की नाकाम कोशिश कर रही थी। तो कुछ देर के बाद वो मेरे ऊपर आ गये और मुझे किस करने लगा और उसके बाद वो मुझसे बोला कि में अब हर्ष का लंड चूसू। फिर में उठी और उनकी अंडरवियर को उतारने लगी तो मैंने देखा कि हर्ष का क्या मस्त मोटा और लंबा लंड था और में उसके लंड को देखकर एकदम डर भी गई, क्योंकि यह मेरी पहली चुदाई थी और मुझे आज पहली चुदाई में ही ऐसा लंड मिला जिसके बारे में कभी सपने में भी नहीं सोच सकती थी, क्योंकि मेरी चूत का मुहं बहुत छोटा था और वो बहुत टाईट थी, लेकिन फिर भी मैंने भगवान पर भरोसा किया और जो कुछ मेरे साथ होने वाला था सब कुछ उस पर छोड़ दिया। तो हर्ष ने मुझसे अपना लंड चूसने को कहा, दोस्तों मैंने सुना था कि लंड चूसने में बहुत मज़ा आता है तो में हर्ष का लंड मुहं में लेकर चूसने लगी, लेकिन यह सब मेरा पहली बार था तो मुझे कुछ अजीब सा भी लग रहा था और थोड़ी देर मैंने हर्ष का लंड चूसा तो वो पागल सा होने लगे और वो मेरे मुहं में ही झड़ गया और हर्ष ने अपना पूरा गरम गरम वीर्य मुझे पिला दिया और में पी गई, लेकिन मुझे उसका स्वाद कुछ नमकीन सा लग रहा था।

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फिर थोड़ी देर किस करने के बाद में फिर से उनका लंड मुहं में लेकर चूसने लगी और फिर वो गरम हो गये और मुझे उसका पूरा लंड मुहं में डालना बहुत मुश्किल हो गया तो उसने मुझे कंडोम दिया और अपने लंड पर चड़ाने को कहा। फिर मैंने उसके खड़े लंड पर कंडोम लगाया और उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और चूत के मुहं पर लंड रख दिया और एक ज़ोर का झटका मारा तो लंड एकदम से फिसलकर रह गया। फिर मैंने लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर चूत के मुहं पर रखा और उसे धक्का देने का इशारा किया और फिर हर्ष ने एक दमदार धक्का दिया और लंड सरकता हुआ अंदर चला गया। तो मुझे बहुत ज़ोर से दर्द हुआ और में चिल्ला गई ऊईईईईई माँ थोड़ा धीरे अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह प्लीज धीरे करो। फिर हर्ष ने दूसरा झटका मारा तो आधा लंड मेरी चूत में चला गया और में ज़ोर से चिल्लाई आईईईईइ प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करो। तो वो मेरे ऊपर आ गये और मेरे होंठ को चूसने लगे और फिर एक और ज़ोर से झटका मारा जिससे पूरा का पूरा लंड मेरी चूत को फाड़कर मेरी चूत में समा गया और मेरी चूत से खून निकलने लगा और में दर्द से चिल्लाने लगी और वो मेरी चूत को फड़ता हुआ लगातार धक्के देकर चोद रहे थे और में दर्द की वजह से रोने लगी, लेकिन वो मुझे अनसुना करता हुए चोदे जा रहा थे और फिर थोड़ी देर चुदाई के बाद वो झड़ने वाले थे।

फिर हर्ष ने कंडोम को निकालकर लंड को मेरे मुहं में डाल दिया और मेरे मुहं को चोदने लगे और फिर थोड़ी देर के बाद उसने मेरे पूरे चेहरे और बूब्स पर अपना वीर्य गिरा दिया और थोड़े देर के बाद मुझसे अपना लंड चुसवाकर साफ कर दिया और उसने मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटकर साफ किया और मुझे बाथरूम में ले जाकर नहलाया और मेरे सेक्सी जिस्म को साफ किया। फिर में और वो वहीं बेड पर लेट गये, उसके बाद में उनका लंड पकड़कर हिलाने लगी तो वो भी कुछ देर बाद फिर से अपना रंग दिखाने लगा और वो फिर से खड़ा हो गया और हर्ष भी मुझे देखकर हंसकर मेरे बूब्स देखने लगे, दबाने लगा और वो मुझे फिर से चुदाई के लिए किस करके तैयार करने लगा और फिर में भी गरम होने लगी। में उठी और उनके लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और वो मेरे बालों को पकड़कर लंड को ज़ोर से धक्के देकर गले तक डालने लगे, जिसकी वजह से मेरी आंख से आंसू बाहर आने लगे और मेरी सांसे ऊपर नीचे होने लगी। फिर वो एकदम से उठकर खड़े हुऐ और मेरी गांड को चाटने लगे. मैंने उसकी तरफ देखा और में उसे मना करने लगी, लेकिन वो नहीं माना और वो मेरी गांड को चाट रहा था और थोड़ी देर गांड चूसने के बाद उन्होंने अपनी एक उंगली को मेरी गांड में डाल दिया तो में एकदम ज़ोर से चीखने, चिल्लाने, आह्ह्ह्हह्ह उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह प्लीज बाहर निकालो आईईईईई मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज ऐसा मत करो, मैंने कभी भी ऐसा नहीं किया प्लीज छोड़ दो मुझे। मेरे यह सब कहने से उनको जैसे बहुत मज़ा आया। फिर वो वैसे ही और भी ज़ोर ज़ोर से अपनी उंगली को डालकर अंदर बाहर करने लगे और फिर थोड़ी देर गरम होने के बाद उसने अपने लंड पर कंडोम लगाकर लंड गांड पर टिका दिया और चुदने के लिए मुझे तैयार किया। फिर में घोड़ी बन गई और उन्होंने लंड को मेरी गांड में डालने के लिए एकदम तैयार कर दिया और फिर उन्होंने एक जोरदार धक्का मारकर लंड को गांड में डाल दिया, में चिल्लाने लगी तो उसने एक और झटका मारा और उनका आधा लंड मेरी गांड में घुस गया और फिर एक झटका दिया तो पूरा का पूरा लंड गांड के अंदर रगड़ खाता हुआ चला गया।

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फिर मैंने हर्ष को रुकने के लिए कहा तो वो थोड़ा रुक गये और वो अब मेरे बूब्स को दबाने लगे और मेरी चूत को सहलाने लगे। फिर में भी थोड़ी देर के बाद अपनी गांड हिलाने लगी, अब वो समाझ गये कि अब में तैयार हूँ और वो अब ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर मेरी गांड मारने लगे और में आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह माँ थोड़ा धीरे आईईईई कर रही थी और वो ज़ोर ज़ोर से चुदाई कर रहा था। फिर कुछ देर बाद मैंने कहा कि हाँ और ज़ोर से करो हाँ और ज़ोर से। अब वो अपनी स्पीड को बडाकर और ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और करीब 15-20 मिनट के बाद वो झड़ने लगा। उसने अपना पूरा वीर्य कंडोम में ही निकाल दिया। फिर मैंने उसके कंडोम को उतारा और फिर उन्होंने अपना लंड मेरी मुहं में डाल दिया। मुझे भी मज़ा आ रहा था, मैंने भी करीब 5 मिनट तक लंड चूसा और लंड चूसने के बाद में उठ गई और हम दोनों लेट गए। फिर थोड़ी देर आराम करने के बाद हम उठे और अपने घर चले गये, लेकिन अब मुझसे ठीक तरह से चला नहीं जा रहा था क्योंकि आज मेरी चूत और गांड दोनों ही चुदाई की वजह से बहुत दर्द कर रही थी और किसी तरह में माँ की नज़रो से बचकर अपने बेडरूम में जाकर सो गई और मैंने एक दर्द की गोली खा ली थी जिसकी वजह से मेरा दर्द थोड़ा कम हो गया था और सुबह जब में उठी तो हर्ष का फ़ोन आया और उन्होंने मुझसे पूछा कि मेरी तबीयत कैसी है, क्या दर्द हो रहा है? तो मैंने कहा कि नहीं कुछ ख़ास नहीं है तो उन्होंने कहा कि ठीक है और बोला कि कल तुमने मुझे बहुत खुश करने वाला गिफ्ट दिया है और में तुमसे बहुत खुश हूँ, में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। फिर मैंने भी कहा कि हाँ में भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और मैंने कुछ देर बाद फ़ोन रख दिया, लेकिन उसके बाद मेरी चुदाई लगातार जारी रही और उन्होंने कई बार मुझे चोदकर संतुष्ट किया और में भी उनके साथ मज़े करती रही और अपनी चुदाई करवाती रही ।।

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